Pew Report 2025: प्यू रिसर्च सेंटर ने 2010 से 2020 के बीच दुनिया की धार्मिक स्थिति को लेकर एक व्यापक रिपोर्ट जारी की है। इस जनसंख्या-आधारित अध्ययन में वैश्विक स्तर पर धार्मिक समूहों में आए उतार-चढ़ाव को दर्शाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईसाई धर्म अब भी सबसे बड़ा धर्म है, लेकिन इसकी हिस्सेदारी घटी है। वहीं, इस्लाम सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म बन गया है।
ईसाई धर्म की संख्या बढ़ी, लेकिन वैश्विक हिस्सेदारी में गिरावट
2020 तक दुनियाभर में ईसाई धर्म को मानने वालों की संख्या 2.3 बिलियन (230 करोड़) हो गई है। पिछले दशक में इसमें 122 मिलियन की वृद्धि हुई, लेकिन इसकी वैश्विक हिस्सेदारी 30.6% से घटकर 28.8% रह गई। इसका मुख्य कारण यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे ईसाई-बहुल क्षेत्रों में जन्म दर का कम होना और जनसंख्या वृद्धि की गति में कमी बताया गया है।
इस्लाम बना सबसे तेज़ी से बढ़ता धर्म
मुस्लिम आबादी में बीते दशक में 347 मिलियन की वृद्धि हुई, जिससे इनकी संख्या 1.9 बिलियन से अधिक हो गई। इस्लाम की वैश्विक हिस्सेदारी भी 23.8% से बढ़कर 25.6% पर पहुंच गई। इस तेज़ बढ़त का कारण अधिक जन्म दर और युवा आबादी है, खासकर मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और अफ्रीका के क्षेत्रों में।
बौद्ध धर्म में गिरावट दर्ज
बौद्ध धर्म अनुयायियों की संख्या में 19 मिलियन की गिरावट देखी गई, जिससे यह संख्या घटकर 324 मिलियन पर आ गई। वैश्विक हिस्सेदारी भी 4.9% से घटकर 4.1% रह गई है। इस गिरावट का मुख्य कारण पूर्वी एशियाई देशों में धर्म से दूर होती युवा पीढ़ी और कम जन्म दर को माना जा रहा है।
“नोनेस” यानी धर्म से असंबद्ध लोगों की तेज़ बढ़त
धर्म से असंबद्ध लोगों, जिन्हें “नोनेस” कहा जाता है, की संख्या 270 मिलियन बढ़कर 1.9 बिलियन तक पहुंच गई है। अब ये दुनिया की कुल जनसंख्या का 24.2% हिस्सा हैं। इस ट्रेंड का सबसे अधिक असर यूरोप, अमेरिका, जापान और चीन के शहरी क्षेत्रों में देखा गया है, जहां आधुनिकता और वैज्ञानिक सोच का प्रभाव अधिक है।
हिंदू धर्म में स्थिरता, यहूदी समुदाय सबसे छोटा
हिंदू धर्म को मानने वालों की संख्या 1.2 बिलियन से अधिक हो चुकी है, जिसमें 126 मिलियन की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि इसकी वैश्विक हिस्सेदारी 14.9% पर स्थिर बनी हुई है। वहीं यहूदी धर्म अनुयायियों की संख्या 14.8 मिलियन तक पहुंची है, जो वैश्विक आबादी का मात्र 0.2% है, और यह सभी धर्मों में सबसे छोटा समूह बना हुआ है।
प्यू रिसर्च सेंटर की यह रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि पिछले एक दशक में वैश्विक धार्मिक परिदृश्य में बड़े बदलाव आए हैं।
- ईसाई धर्म भले ही सबसे बड़ा धर्म बना हुआ है, लेकिन इसकी हिस्सेदारी में गिरावट चिंताजनक है।
- इस्लाम की तेज़ वृद्धि इसे भविष्य में प्रमुख धर्म बना सकती है।
- बौद्ध धर्म का गिरना और धर्म से असंबद्ध लोगों की तेज़ बढ़त यह संकेत देती है कि आधुनिक समाज में धार्मिक मान्यताओं का स्वरूप बदल रहा है।
- हिंदू धर्म में स्थिरता दिखाई देती है, जबकि यहूदी समुदाय संख्या के हिसाब से सबसे छोटा धार्मिक समूह बना हुआ है।
यह रिपोर्ट आने वाले दशकों में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलावों को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखी जा रही है।